मोबाइल से आंखों की सुरक्षा कैसे करें?HealthPlanet

Posted on Thu 8th Dec 2022 : 15:42

मोबाइल या लैपटॉप पर ज्यादा वक्त बिताने से जा सकती है आंखों की रोशनी, सेफ्टी के लिए मानें एक्‍सपर्ट की ये सलाह:-

आंखों को झपकाएं

स्मार्टफोन या टेबलेट का यूज करते वक्त लोग पलख झपकाना भूल जाते हैं। स्क्रीन को एकटक देखते रहने से ड्रायनेस की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए इन्हें सुरक्षित रखने के लिए कोशिश करें कि आंखों को बीच-बीच में झपकाते रहें और आराम देते रहें।

​आर्टिफिशियल टीयर्स का उपयोग करें

आंखों पर पड़ने वाले तनाव के लिए फिर चाहे वो कंप्यूटर या मोबाइल के कारण ही क्‍यों न हो, आंखों में चिकनाई रखने के लिए आर्टिफिशियल टीयर्स एक प्रभावी तरीका है। बाजार में कई प्रकार के लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप उपलब्ध हैं, जिन्हें आप आंखों में डालकर ड्रायनेस से छुटकारा पा सकते हैं।

​एंटी ग्लेयर ग्लास पहनें

अगर देर तक कंप्यूटर स्क्रीन या मोबाइल के सामने बैठे रहना आपकी मजबूरी है, तो आप ऐसे लैंस लगाएं, जिनमें से ब्लू रेज कट कर सकें। इसके लिए एंटी ग्लेयर ग्लास या ब्लू कट लैंस अच्छा विकल्प है। इससे आंखों पर सीधी रोशनी पड़ने के बजाए कट होकर निकल जाती है।

​अपनाएं 20-20-20 नियम का पालन

आंखें बहुत नाजुक होती हैं। बहुत देर तक किसी भी चीज को देखने पर इनमें दर्द हो सकता है। ऐसे में 20-20-20 नियम का पालन करें। यदि आप स्क्रीन को 20 मिनट तक देखते हैं, तो थोड़ी देर बाद आपको 20 सेकंड के लिए कम से कम 20 फीट दूर ऐसी चीज देखनी चाहिए जिससे आंखों की मांसपेशियां रिलेक्स्ड हों।

मोबाइल या लैपटॉप पर ज्यादा वक्‍त बिता रहे हैं, तो ऐसे बचाएं अपनी आंख :-

इन विटामिन का भी करें सेवन

अब जब आप अपना ज्यादातर समय कंप्यूटर या मोबाइल स्क्रीन पर बिता रहे हैं, तो अपने आहार में विटामिन्स मुख्य तौर पर शामिल करें। कुछ विटामिन्स जैसे विटामिन बी-6, बी-12, विटामिन ई , विटामिन ए टियर फिल्म के लिए अच्छे हैं। शरीर में इन विटामिन्स की कमी होने पर द्रव फट जाएगा और आंसू सूख सकते हैं।

​डाइट में लें ओमेगा-3 फैटी एसिड

ओमेगा-3 फैटी एसिड सूखी आंखों के इलाज में मदद कर सकता है। चूहों के एक अध्ययन में पाया गया कि ओमेगा-3 फैटी एसिड एएलए को लेने से ड्राई आंखों के लक्षण में बहुत कमी आई और सूखी आंखों के कारण आने वाली सूजन भी कम हो गई। विशेषज्ञों के अनुसार इसका सेवन करने से आंसू बहुत जल्दी बनते हैं, जिससे आंखों में सूखेपन की समस्या नहीं रहती।

​कम रोशनी वाले कमरे में बैठें

कंप्यूटर पर काम करते वक्त कमरे में कम रोशनी वास्तव में आपकी आंखों के लिए बेहतर होती है। कमरे में बहुत ज्यादा लाइट नहीं होनी चाहिए। इसलिए संभव हो, तो कमरे के पर्दे बंद कर दें और फ्लोरोसेंट लाइटिंग का उपयोग कम से कम करें। इसकी जगह कम वोल्टेज वाले बल्बों का इस्तेमाल करना अच्छा है।

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